प्रासंगिकता: मानसिक स्वास्थ्य (ध्यान/जप=meditation, WHO अनुशंसित), पर्यावरण (हवन=वायु शुद्धि, गोसेवा), सामाजिक (16 संस्कार), नैतिकता (सत्य-अहिंसा-दान), वैज्ञानिक (योग-आयुर्वेद=विश्व स्वीकृत)। अनुकूलन:
वैदिक कर्मकांड आधुनिक युग में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं — किन्तु दृष्टिकोण अनुकूलन आवश्यक: प्रासंगिकता: 1।
मानसिक स्वास्थ्य: संध्या वंदन, गायत्री जप, ध्यान = meditation/mindfulness। WHO भी ध्यान को मानसिक स्वास्थ्य हेतु अनुशंसित करता है।