आध्यात्मिक साधना
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आध्यात्मिक साधना में अहंकार कैसे बाधक बनता है?
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संक्षिप्त उत्तर
अहंकार बाधक: (1) 'मैं'=ईश्वर से दीवार (2) आध्यात्मिक अहंकार=सबसे खतरनाक (सूक्ष्म) (3) गुरु अस्वीकार (4) सिद्धियों में उलझना (5) तुलना। गीता: अहंकार=आसुरी। कबीर: 'जब मैं था तब हरि नहीं।' उपाय: निःस्वार
अहंकार = आध्यात्मिक मार्ग की सबसे बड़ी और सूक्ष्म बाधा। कबीर: 'जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं तो मैं नाहीं। ' अहंकार कैसे बाधक: 1।
'मैं' = ईश्वर से पृथकता: अहंकार = 'मैं अलग हूँ। ' आध्यात्मिकता = 'सब एक हैं। ' जब तक 'मैं' → 'एक' सम्भव नहीं।
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