अधर्म करने वाले को — अंधतामिस्त्र नरक (परम अंधकार), विदीर्ण नरक (अंग-भंग), तप्तलोहमय (तपता लोहा)। मृत्यु में यमदूत पाश बाँधकर घसीटते हैं। इस जीवन में दुर्भाग्य।
गरुड़ पुराण में अधर्म के अनेक रूप हैं और प्रत्येक के लिए विशिष्ट दंड है।
अंधतामिस्त्र नरक — 'जो व्यक्ति अधर्म से कुटुम्ब के भरण-पोषण के लिए प्रयत्नशील है, वह अंधतामिस्त्र नामक नरक में जाता है।