अग्नि प्रज्ज्वलन मंत्र: 'ॐ भूर्भुवः स्वः' बोलते हुए दीपक से अग्नि जलाएं। अग्नि स्थापित होने पर प्रणाम मुद्रा में: 'ॐ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रतिजागृहि...' से अग्निदेव की स्तुति करें।
पञ्चभूसंस्कार से शुद्ध किए गए कुंड में अब अग्नि देव का आवाहन और स्थापन किया जाता है।
रुई या समिधा के छोटे टुकड़ों पर कपूर या गोघृत रखकर उसे दीपक से प्रज्वलित किया जाता है।