अहोई अष्टमी कार्तिक कृष्ण अष्टमी को माताएं संतान की दीर्घायु के लिए रखती हैं। दीवार पर सेही का चित्र बनाएं, सायंकाल पूजा करें, कथा सुनें और तारे उगने पर अर्घ्य देकर व्रत खोलें।
अहोई अष्टमी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। यह करवा चौथ के चार दिन बाद और दीपावली से लगभग आठ दिन पहले आती है।
यह व्रत संतानवती माताएं अपने पुत्रों की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं।