सरस्वती रहस्य उपनिषद श्लोक 12: 'ऐं' पवित्र अक्षर ब्रह्मांडीय शक्ति को समेटे हुए है और साधक को सीधे दिव्य चेतना से जोड़ता है। 'ऐं' के निरंतर ध्यान और मौन साधना से आत्मा का उद्घाटन होता है।
सरस्वती रहस्य उपनिषद् के श्लोक १२ बीज मंत्रों के महत्त्व को स्पष्ट करते हुए कहता है कि पवित्र अक्षर ('ऐं') ब्रह्मांडीय शक्ति को समेटे हुए हैं और साधक को सीधे दिव्य चेतना से जोड़ते हैं।
'ऐं' बीज मंत्र के निरंतर ध्यान और मौन साधना से आत्मा का उद्घाटन होता है।