अखंड जप = बिना टूटे निरंतर। व्यक्तिगत (12-24 घंटे) या सामूहिक (बारी-बारी, 24/7)। संकल्प → अखंड ज्योत → निरंतर जप → ब्रह्मचर्य → हवन/दान से समापन। नवरात्रि 9 दिन अखंड जप प्रचलित। शक्ति कई गुना।
अखंड जप = 'बिना टूटे' निरंतर मंत्र जप। यह अत्यंत शक्तिशाली अनुष्ठान है। अखंड जप के प्रकार: 1।
व्यक्तिगत अखंड जप: एक व्यक्ति 12/24 घंटे निरंतर जप करे (शौचालय हेतु अल्प विराम मान्य, मानसिक जप जारी)।