अनंत गायत्री मंत्र: 'ॐ सर्पराजाय विद्महे, नागराजाय धीमहि, तन्नोऽनन्तः प्रचोदयात्' — यह नागराज अनंत की शक्ति को चेतना में जाग्रत करता है।
अनंत गायत्री मंत्र (नागराज हेतु) इस प्रकार है: ॐ सर्पराजाय विद्महे, नागराजाय धीमहि, तन्नोऽनन्तः प्रचोदयात् सरल अर्थ: 'हम सर्पराज/नागराज को जानते हैं, हम उनका ध्यान करते हैं।
वे अनंत हमारी चेतना को (ज्ञान और शांति की ओर) प्रेरित करें।