मंगलवार के दिन पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को 'अंगारकी चतुर्थी' कहते हैं। यह व्रत 108 संकष्टी व्रतों के बराबर फल देता है और मंगल दोष व कर्ज से मुक्ति दिलाता है।
जब कोई संकष्टी चतुर्थी मंगलवार के दिन पड़ती है, तो उसे 'अंगारकी संकष्टी चतुर्थी' कहा जाता है।
स्कन्द पुराण के अनुसार, मंगल (अंगारक) की तपस्या से प्रसन्न होकर गणेश जी ने यह वरदान दिया था।