अंतर्धान अस्त्र की विरासत यह है कि जीत पाशविक बल से नहीं बल्कि बुद्धि और मनोवैज्ञानिक प्रभुत्व से मिलती है। सबसे शक्तिशाली हथियार वह है जिसे दुश्मन कभी आते नहीं देखता।
अंतर्धान अस्त्र अदृश्यता के लिए एक साधारण उपकरण से कहीं बढ़कर है।
यह रणनीति का एक आदिम हथियार है जिसका पहली बार स्वयं भगवान शिव ने प्रयोग किया था।