एकादश रुद्र और अन्य स्वरूप
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अर्धनारीश्वर स्वरूप का क्या दार्शनिक महत्व है?
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संक्षिप्त उत्तर
अर्धनारीश्वर: दायाँ = शिव (पुरुष), बायाँ = पार्वती (स्त्री/शक्ति)। दार्शनिक सत्य: सृष्टि में पुरुष और प्रकृति पूर्णतः समान हैं। केवल ज्ञान (शिव) या केवल शक्ति (पार्वती) नहीं — दोनों का तादात्म्य और सं
अर्धनारीश्वर भगवान शिव का वह अद्भुत रूप है जिसमें उनका दाहिना भाग पुरुष का (शिव) और बायां भाग स्त्री का (शक्ति/पार्वती) होता है।
शिव के दाहिने हाथ में त्रिशूल और पैर में जूता होता है, जबकि बाएं हाथ में कमल का फूल और पैर में नुपूर होता है।
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