न्यास, मंत्र अनुष्ठान और गुप्त तांत्रिक विधियों के लिए योग्य गुरु से दीक्षा अनिवार्य है — बिना गुरु के साधना निष्फल या हानिकारक हो सकती है।
न्यास, मंत्र अनुष्ठान, और गुप्त तांत्रिक विधियों (जैसे सवा लाख जप) के लिए योग्य गुरु से दीक्षा और मार्गदर्शन प्राप्त करना आवश्यक है, अन्यथा साधना निष्फल या हानिकारक हो सकती है।
यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि तांत्रिक साधनाएं सूक्ष्म ऊर्जा को नियंत्रित करती हैं और बिना सही मार्गदर्शन के ये ऊर्जाएं अनियंत्रित हो सकती हैं।