अर्धनारीश्वर स्तोत्र पाठ का आदर्श समय सूर्योदय से पहले या प्रातः 8 बजे से पूर्व है। विशेष तांत्रिक फल के लिए सूर्यास्त के बाद का समय भी उपयुक्त है।
अर्धनारीश्वर स्तोत्र पाठ के समय के बारे में शास्त्रीय निर्देश इस प्रकार हैं: आदर्श समय: मन की स्थिरता और सात्त्विक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए यह पाठ सूर्योदय से पहले या प्रातः 8:00 बजे से पूर्व करना च
तांत्रिक फल के लिए: यदि साधक विशेष तांत्रिक फल या त्वरित लाभ की इच्छा रखता है, तो सूर्यास्त के बाद का समय भी उपयुक्त माना गया है।