फलश्रुति के अनुसार भक्तिपूर्वक इस स्तोत्र का पाठ करने वाला संसार में सम्मानित होता है, दीर्घायु पाता है, अनंत काल तक सौभाग्य और समस्त सिद्धियाँ प्राप्त करता है।
अर्धनारीश्वर स्तोत्र की फलश्रुति इस प्रकार है: एतत् पठेदष्टकमिष्टदं यो भक्त्या स मान्यो भुवि दीर्घजीवी।
प्राप्नोति सौभाग्यमनंतकालं भूयात्सदा तस्य समस्तुसिद्धिः॥ हिंदी अर्थ: जो व्यक्ति भक्तिपूर्वक इस आठ श्लोकों वाले स्तोत्र का पाठ करता है, वह इस संसार में सम्मानित होता है और दीर्घायु प्राप्त करता है।