अर्जुन ने अंतर्धान अस्त्र का सबसे प्रमुख प्रयोग हस्तिनापुर की रंगसभा में किया जहाँ उन्होंने अदृश्य होकर और फिर प्रकट होकर अपने कौशल का प्रदर्शन किया।
अर्जुन द्वारा अंतर्धान अस्त्र का सबसे प्रमुख उपयोग युद्ध में नहीं बल्कि हस्तिनापुर की रंगसभा में अपने कौशल के प्रदर्शन के दौरान हुआ था।
उन्होंने अंतर्धान अस्त्र का उपयोग करके स्वयं को अदृश्य किया और फिर से प्रकट हुए, जिससे दरबार में उपस्थित सभी लोग उनकी दिव्य हथियारों पर पकड़ देखकर चकित रह गए।