आर्यभट्ट ने पृथ्वी गोल बताया था — इसका वैदिक और ऐतिहासिक प्रमाण क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
आर्यभटीय (499 ईस्वी) के गोलपाद श्लोक 9 में नाव के उदाहरण से पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूमने का वैज्ञानिक प्रमाण। पृथ्वी का घूर्णनकाल और परिधि की गणना भी आश्चर्यजनक रूप से सटीक — कोपर्निकस से एक हजार वर्ष
आर्यभट्ट (जन्म 476 ईस्वी, बिहार) भारत के महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री थे।
उन्होंने मात्र 23 वर्ष की आयु में 499 ईस्वी में 'आर्यभटीय' ग्रंथ की रचना की।