अष्ट भैरव आठ दिशाओं के संरक्षक हैं: असितांग भैरव, रुरु भैरव, चंड भैरव, क्रोध भैरव, उन्मत्त भैरव, कपाल भैरव, भीषण भैरव और संहार भैरव — ये सभी भैरव की बहुआयामी शक्ति के प्रतीक हैं।
भगवान भैरव के आठ प्रमुख स्वरूप हैं, जिन्हें अष्ट भैरव कहा जाता है।
ये आठ रूप आठ दिशाओं के संरक्षक हैं और अस्तित्व के विभिन्न पहलुओं पर शासन करते हैं।