असितांग भैरव ब्राह्मी देवी के साथ विराजमान हैं — 'ब्राह्मी देवी समेताय' उनके ज्ञान स्वरूप का वंदन है। रुद्र अमल तंत्र में इनके युगल स्वरूप का उल्लेख है।
असितांग भैरव के मूल शाप-निवारक मंत्र में 'ब्राह्मी देवी समेताय असिताङ्ग भैरवाय' का उल्लेख है।
यह मंत्र का मुख्य भाग असितांग भैरव के ज्ञान स्वरूप का वंदन करता है।