बभ्रुवाहन कथा में दान केंद्रीय है — राजा दानी थे, उन्होंने प्रेत के लिए घट दान-शय्यादान-वृषोत्सर्ग किए। 'शय्यादान और वृषोत्सर्ग से प्रेत परम गति पाता है।' यह कथा 'और्ध्वदैहिक दान की महिमा' के लिए ही स
गरुड़ पुराण के सातवें अध्याय की बभ्रुवाहन कथा में दान की भूमिका केंद्रीय और निर्णायक है।
कथा का मूल विषय ही दान — गरुड़ पुराण में इस कथा को 'और्ध्वदैहिक दान के श्रेष्ठ माहात्म्य को सूचित करने वाली कथा' कहा गया है।