जीवन एवं मृत्यु
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बभ्रुवाहन की कथा में कौन-सा कर्म प्रमुख है?
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संक्षिप्त उत्तर
बभ्रुवाहन कथा में प्रमुख कर्म है 'और्ध्वदैहिक दान' — प्रेत घट दान, शय्यादान, वृषोत्सर्ग और 48 श्राद्ध। इन सबका मूल है राजा की करुणा। 'करुणा + दान + श्राद्ध = प्रेत-मुक्ति' — यही इस कथा का सूत्र है।
गरुड़ पुराण के सातवें अध्याय की बभ्रुवाहन कथा में 'और्ध्वदैहिक दान' (मृत्यु के बाद किया जाने वाला दान और श्राद्ध) प्रमुख कर्म है।
प्रेत घट दान — यह इस कथा का केंद्रीय कर्म है। प्रेत स्वयं राजा को इसकी विधि बताता है।
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