बभ्रुवाहन कथा में श्राद्ध का महत्व — दूसरे का श्राद्ध भी प्रेत मुक्त करता है, 48 श्राद्धों से प्रेत पितर-श्रेणी में आता है, बिना श्राद्ध के प्रेत कुछ प्राप्त नहीं कर सकता। यह कथा श्राद्ध-महिमा का जीवं
गरुड़ पुराण के सातवें अध्याय की बभ्रुवाहन कथा में श्राद्ध का महत्व सिद्ध करना ही इस कथा का प्रमुख उद्देश्य है।
दूसरे के श्राद्ध से मुक्ति — गरुड़ पुराण में इस कथा के उपसंहार में कहा गया है — 'जब दूसरे के द्वारा दिये हुए श्राद्ध से प्रेत की सद्गति हो गई तो फिर पुत्र के द्वारा प्रदत्त श्राद्ध से पिता की सद्गति ह