बगलामुखी साधना: मुख्यतः तांत्रिक विधि (स्तंभन-उच्चाटन-वशीकरण = वामाचार संकेत)। सामान्य पूजा-मंत्र जाप = दक्षिणाचार विधि भी संभव (आत्मरक्षा और नकारात्मकता शमन)। शक्ति का प्रयोग = केवल धर्म और न्याय की
माँ बगलामुखी उग्र कोटि की देवी हैं।
उनकी पूजा मुख्यतः तांत्रिक विधि से होती है, जिसमें स्तंभन, उच्चाटन और वशीकरण जैसे प्रयोग शामिल हो सकते हैं, जो वामाचार की ओर संकेत करते हैं।