स्तोत्र विधि
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बजरंग बाण कब नहीं पढ़ना चाहिए?
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संक्षिप्त उत्तर
बिना कारण/शांत समय=नहीं(बाण=तीर)। गर्भवती/बच्चे/अशुद्ध=नहीं। कब=शत्रु/प्रेत/गंभीर संकट/तांत्रिक बाधा। आपातकालीन हथियार—रोज़ नहीं, जरूरत पर।
बजरंग बाण = उग्र स्तोत्र — सावधानी आवश्यक: कब न पढ़ें: 1। बिना कारण — यह 'बाण' (तीर) है, बिना लक्ष्य तीर = हानिकारक।
शांत/सामान्य समय — दैनिक पूजा में चालीसा पर्याप्त। गर्भवती महिला — उग्र ऊर्जा, शांत स्तोत्र बेहतर। छोटे बच्चों के सामने (कुछ परंपरा — उग्र)।
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