काली का क्रोध शांत न हुआ → शिव ने रोते बालक (बटुक) का रूप लिया → काली का वात्सल्य जागा → क्रोध भूलकर पार्वती रूप में वापस आईं। दार्शनिक सत्य: उग्र क्रोध केवल शुद्ध प्रेम और वात्सल्य से शांत होता है।
एक अत्यंत महत्वपूर्ण कथा 'बटुक भैरव अवतार' की है।
कथा के अनुसार, जब माता काली असुरों का संहार करने के पश्चात अत्यंत क्रोध में थीं और उनका क्रोध किसी भी प्रकार शांत नहीं हो रहा था, तब उनके क्रोध को शांत करने के लिए भगवान शिव ने एक रोते हुए बालक (बटुक)