दैनिक न्यूनतम: 108 (एक माला)। सामान्य साधना: 1008। पुरश्चरण (सिद्धि के लिए): अक्षर-संख्या × 1 लाख। नित्यता संख्या से अधिक महत्वपूर्ण। नवरात्रि में 1008/दिन, ग्रहण में अधिकतम। जप एकाएक बहुत न बढ़ाएं।
बीज मंत्र की जप-संख्या के संबंध में शास्त्रों में सुनिश्चित विधान है: दैनिक जप की न्यूनतम संख्या: 1।
108 जप (एक माला) — न्यूनतम: 108 अंक का महत्व — उपनिषद और ज्योतिष में 108 = ब्रह्मांडीय पूर्णता का अंक।