बीज मंत्र एकाक्षरी या अल्पाक्षरी ध्वनि-शक्ति हैं जिनमें देवता की मूल ऊर्जा समाहित है। प्रमुख बीज: ॐ (ब्रह्म), श्रीं (लक्ष्मी), ऐं (सरस्वती), क्रीं (काली), ह्रीं (माया), गं (गणेश), हं (हनुमान)। बीज मंत
बीज मंत्र का सिद्धांत तंत्र शास्त्र की मूल संकल्पना है।
शारदा तिलक और तंत्रालोक में इसका विस्तृत वर्णन है: बीज मंत्र का अर्थ: 'बीज' = बीज (seed)।