भागवत पुराण का मुख्य संदेश: अनन्य भक्ति = मोक्ष का सरलतम मार्ग। नवधा भक्ति (7.5.23), कृष्ण लीला (10वां स्कंध), प्रह्लाद की भक्ति शक्ति, अजामिल की नाम-मुक्ति। सार: किसी भी समय, किसी भी स्थिति में भगवन्
श्रीमद्भागवत पुराण (भागवतम्) 18 महापुराणों में सबसे प्रिय और प्रसिद्ध है। 12 स्कंध, 335 अध्याय, 18,000 श्लोक।
शुकदेव गोस्वामी ने राजा परीक्षित को 7 दिन में सुनाया।