ब्रह्मसूत्र 2.1.34 — ईश्वर निर्दय नहीं; दुःख जीव के कर्मों से आता है। गीता 2.14 — सुख-दुःख अनित्य। अविद्या (अज्ञान) दुःख का मूल कारण। आत्मा दुःख से अप्रभावित (गीता 2.23)। ईश्वर ने मोक्ष मार्ग दिया — श
यह मानव इतिहास का सबसे पुराना और गंभीर दार्शनिक प्रश्न है — 'यदि ईश्वर है तो दुःख क्यों?' (Problem of Evil/Theodicy)।
हिंदू दर्शन में इसके अनेक गहन उत्तर हैं। कर्म सिद्धांत — प्रमुख उत्तर: ब्रह्मसूत्र (2।