भगवान ने आकाशवाणी से कहा — अयोध्या में दशरथ के घर अवतार लूँगा। ब्रह्माजी ने देवताओं को सिखाया — वानर शरीर धरकर पृथ्वी पर भगवान की सेवा करो। देवता वानर रूप में पृथ्वी पर आ गये।
ब्रह्माजी की स्तुति सुनकर भगवान ने आकाशवाणी से देवताओं को आश्वासन दिया कि वे अयोध्या में दशरथ के घर अवतार लेंगे।
देवताओं को वानर शरीर धारण करके पृथ्वी पर भगवान की सेवा करने को कहा। दोहा — 'निज लोकहिं बिरंचि गे देवन्ह इहइ सिखाइ।