भजन सुनने से मन इसलिए शांत होता है क्योंकि नाम की ध्वनि चित्त को शुद्ध करती है, राग-संगीत अल्फा तरंगें उत्पन्न करता है और मन एक बिंदु पर एकाग्र होकर ध्यान-जैसी अवस्था में आ जाता है।
भजन सुनने से मन को अद्भुत शांति मिलती है — यह केवल धार्मिक अनुभव नहीं, इसके पीछे ध्वनि-विज्ञान और मनोविज्ञान दोनों का आधार है।
शास्त्रीय दृष्टि — श्रीमद्भागवत में 'श्रवण' को नवधा भक्ति का प्रथम अंग माना गया है।