वामाचार और दक्षिणाचार
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माँ भुवनेश्वरी की साधना सात्विक क्यों मानी जाती है?
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संक्षिप्त उत्तर
माँ भुवनेश्वरी = सौम्य कोटि की महाविद्या। साधना = दक्षिणाचार या सात्विक पद्धति। उग्र तांत्रिक क्रियाएं नहीं। दुर्गा सप्तशती का पाठ भी उनके सौम्य-मातृ स्वरूप से जुड़ता है।
माँ भुवनेश्वरी सौम्य कोटि की महाविद्या हैं, जो मुख्यतः दक्षिणाचार या सात्विक साधना पद्धति की ओर संकेत करता है।
उनकी साधना में सामान्यतः उग्र तांत्रिक क्रियाओं का समावेश नहीं होता। दुर्गा सप्तशती का पाठ भी उनके सौम्य और मातृ स्वरूप से जुड़ता है।
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