स्तोत्र पाठ
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बिल्वाष्टकम् का पहला श्लोक (त्रिदलं त्रिगुणाकारं...) क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
श्लोक है: 'त्रिदलं त्रिगुणाकारं, त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्। त्रिजन्मपाप संहारं, एकबिल्वं शिवार्पणम्॥' (तीन गुणों और तीन नेत्रों वाले, तीन जन्मों के पाप मिटाने वाले इस बेलपत्र को मैं शिव को अर्पित करता
बिल्वाष्टकम् का पहला श्लोक है: 'त्रिदलं त्रिगुणाकारं, त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्।
त्रिजन्मपाप संहारं, एकबिल्वं शिवार्पणम्॥' इसका अर्थ है: तीन गुण, तीन नेत्र और तीन आयुध (त्रिशूल) के आकार वाले, तीन जन्मों के पापों का संहार करने वाले, एक बिल्वपत्र को मैं शिव को समर्पित करता हूँ।
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