भगवान का 'नाम जप' बिना गुरु दीक्षा के किया जा सकता है। परंतु बीज मंत्रों और तांत्रिक साधनाओं के लिए ऊर्जा को संतुलित रखने हेतु गुरु दीक्षा अनिवार्य है।
मंत्रों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में देखा जाता है—सामान्य नाम जप और विशिष्ट बीज/तांत्रिक मंत्र।