बिना माला के उंगलियों के पोरों पर की जाने वाली गणना (कर माला) सबसे प्रामाणिक और शास्त्रोक्त विधि है।
यदि माला उपलब्ध न हो, तो उंगलियों के पोरों की सहायता से गिनती की जा सकती है, जिसे 'कर माला' विधि कहते हैं।
इसमें दाहिने हाथ की अनामिका (Ring Finger) के मध्य भाग से गिनना शुरू करते हैं और कनिष्ठा, मध्यमा तथा तर्जनी के पोरों पर घड़ी की दिशा में घूमते हुए १० की संख्या पूरी करते हैं।