पूजा विधि
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बिना मूर्ति के भगवान की पूजा कैसे करें?
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संक्षिप्त उत्तर
बिना मूर्ति: ध्यान, मंत्र जप (ॐ/गायत्री), हवन, सूर्य अर्घ्य, गीता पाठ, ॐ चिह्न, दीपक। गीता (12.3-4): निराकार उपासना मान्य। गीता (12.5): कठिन है, मूर्ति सहायक पर अनिवार्य नहीं। भाव प्रधान।
हिंदू धर्म में मूर्ति के बिना भी भगवान की पूजा पूर्णतः मान्य और शास्त्रसम्मत है। शास्त्रीय आधार: - गीता (12।
3-4): निराकार (अव्यक्त) ब्रह्म की उपासना भी मोक्षदायक है। - उपनिषद: निर्गुण ब्रह्म = निराकार, अव्यक्त — मूर्ति से परे।
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