पद्म पुराण की कथा के अनुसार, पुष्कर में यज्ञ के दौरान ब्रह्मा जी ने पत्नी सावित्री की प्रतीक्षा न करके गायत्री से विवाह किया। क्रुद्ध सावित्री ने शाप दिया कि केवल पुष्कर में ही उनकी पूजा होगी, अन्यत्र
ब्रह्मा जी सृष्टि के रचयिता और त्रिदेवों में से एक हैं, फिर भी पूरे भारत में उनका केवल एक ही प्रमुख मंदिर है — राजस्थान के पुष्कर में।
इसके पीछे एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा है, जिसका वर्णन पद्म पुराण में मिलता है।