माँ ब्रह्मचारिणी = द्वितीय स्वरूप (दूसरा दिन)। शिव को पाने के लिए की गई घोर तपस्या का स्वरूप, ज्ञान-तपस्या की प्रतिमूर्ति। संदेश: ज्ञान, तप, वैराग्य और आत्म-नियंत्रण की प्रेरणा।
माँ ब्रह्मचारिणी नवदुर्गा का द्वितीय स्वरूप हैं जिनकी पूजा नवरात्रि के दूसरे दिन होती है।
शाब्दिक अर्थ और पौराणिक पृष्ठभूमि: शिव को पाने के लिए की गई घोर तपस्या का स्वरूप। ज्ञान और तपस्या की प्रतिमूर्ति।