बुधवार के व्रत में दिन भर उपवास रखकर सूर्यास्त के बाद बिना नमक का भोजन करना चाहिए। भोजन में मूंग की दाल का हलवा, मूंग की खिचड़ी, दूध, दही और हरी चीजें (अमरूद, लौकी) खानी चाहिए।
धर्मसिंधु और निर्णयसिंधु के अनुसार इसे 'नक्त व्रत' कहा गया है।
व्रती को दिन भर उपवास रखना चाहिए और सूर्यास्त के बाद गणेश पूजन करके ही एक बार भोजन (एकभुक्त व्रत) ग्रहण करना चाहिए।