छठ में दो अर्घ्य होते हैं — तीसरे दिन संध्या में डूबते सूर्य को और चौथे दिन उगते सूर्य को। बाँस के सूप में प्रसाद सजाकर, जल में खड़े होकर तांबे के लोटे से जल-दूध मिश्रित अर्घ्य दिया जाता है। 'ॐ घृणि स
छठ महापर्व चार दिवसीय पर्व है — नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य, और उषा अर्घ्य।
इसमें दो बार अर्घ्य दिया जाता है — एक डूबते सूर्य को और एक उगते सूर्य को — और यह दोनों अर्घ्य छठ पूजा की आत्मा हैं।