छिन्नमस्ता माता की साधना सबसे कठिन क्यों मानी जाती है?
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संक्षिप्त उत्तर
कठिनतम कारण: (1) उग्रतम स्वरूप — स्वयं मस्तक काटकर रक्तपान। (2) पूर्ण अहंकार नाश = सबसे कठिन। (3) काम पर विजय (रति-काम पर आसीन)। (4) कुण्डलिनी सर्वोच्च अवस्था। (5) श्मशान/रात्रि/गोपनीय। (6) गलत विधि =
छिन्नमस्ता दस महाविद्याओं में पांचवीं और सबसे कठिन मानी जाती हैं: कठिन होने के कारण: 1।
स्वरूप ही अत्यंत उग्र: देवी स्वयं अपना मस्तक काटकर, कटे मस्तक से निकलने वाले तीन रक्त धाराओं से स्वयं और दो सहचरियों (डाकिनी-वर्णिनी) को रक्तपान कराती हैं।