परिचय और स्वरूप
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माँ छिन्नमस्ता को विरोधाभासों की देवी क्यों कहते हैं?
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संक्षिप्त उत्तर
माँ छिन्नमस्ता = विरोधाभासों की देवी: एक साथ जीवन-दात्री + जीवन-संहारक। यौन नियंत्रण + यौन ऊर्जा दोनों का प्रतीक। मृत्यु-क्षणभंगुरता-विनाश + जीवन-अमरता-पुनर्निर्माण — दोनों का प्रतिनिधित्व।
माँ छिन्नमस्ता विरोधाभासों की देवी हैं; वे एक साथ जीवन-दात्री (सहचरियों का पोषण) और जीवन-संहारक (आत्म-विच्छेदन) दोनों हैं।
उन्हें यौन आत्म-नियंत्रण और यौन ऊर्जा दोनों का प्रतीक माना जाता है, जो साधक की व्याख्या और साधना के स्तर पर निर्भर करता है।
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