चिता भस्म = यह भौतिक शरीर नश्वर है और अंततः राख में परिवर्तित होगा। यह पूर्ण वैराग्य (detachment) का स्मरण कराता है — मृत्यु जीवन का अपरिहार्य और पवित्र अंग है।
शिव अपने शरीर पर श्मशान की भस्म रमाते हैं।
यह इस ब्रह्मांडीय सत्य का प्रतीक है कि यह भौतिक शरीर नश्वर है और अंततः भस्म (राख) में परिवर्तित होगा।