दान न करने से — यममार्ग पर भूख-प्यास की यातना, यमदूत का उलाहना और अतिरिक्त दंड, वैतरणी में नाक में कांटे से घसीटा जाना, नरक में भोग और परिजन न करें तो प्रेत कल्पान्त तक भटकता है।
गरुड़ पुराण में दान न करने के परिणामों का अत्यंत स्पष्ट और भयावह वर्णन है।
यह वर्णन केवल भय दिखाने के लिए नहीं — धर्माचरण की प्रेरणा के लिए है।