बुद्धि-वृद्धि और शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए दक्षिणामूर्ति गायत्री मंत्र इस प्रकार है: 'ॐ दक्षिणामूर्तये विद्महे, ध्यानस्थाय धीमहि, तन्नो धीशः प्रचोदयात्॥' इस मंत्र में धीशः (बुद्ध
यह चित्त को एकाग्र कर प्रज्ञा (सहज अंतर्ज्ञान) को जागृत करता है और साधक को जीवन में योग्य गुरु का मार्गदर्शन प्राप्त करने की क्षमता प्रदान करता है।