संकल्प मंत्र: 'मम उपत्त समस्थ दुरित क्षय द्वारा... श्री मेधो दक्षिणामूर्ति देवता नित्य पूजां करिष्ये।'
साधना शुरू करने का संकल्प मंत्र इस प्रकार है: 'मम उपत्त समस्थ दुरित क्षय द्वारा, श्री मेधो दक्षिणामूर्ति देवतोमुद्दिश्य, श्री मेधो दक्षिणामूर्ति देवतानुग्रह सिद्ध्यर्थ्यम्, यथा शक्ति, श्री मेधो दक्षि
' इसमें हल्दी मिश्रित अक्षत हाथ में लेकर पूजा का उद्देश्य और भगवान की कृपा प्राप्ति की इच्छा घोषित की जाती है।