दीपन संस्कार में पारद को 'बहुभुक्षित' (भूखा) बनाया जाता है ताकि वह गंधक और स्वर्ण जैसी धातुओं को 'ग्रास' कर सके — इसीलिए पारद शिवलिंग को सोना छुआना वर्जित है।
दीपन एक गूढ़ तांत्रिक-रासायनिक प्रक्रिया है। 'दीपन' का अर्थ है 'अग्नि प्रदीप्त करना' या 'भूख जगाना'।
इस संस्कार द्वारा पारद को 'बहुभुक्षित' बनाया जाता है, ताकि उसमें अन्य धातुओं (विशेषकर गंधक और स्वर्ण) को 'ग्रास' करने की अलौकिक क्षमता जाग्रत हो सके।