देव-यज्ञ का मूल उद्देश्य = वैदिक देवताओं का पोषण करना। अग्नि ही देवताओं तक हवि (भोजन) पहुँचाने का माध्यम है। बिना यज्ञ के ब्रह्मांडीय शक्तियाँ क्षीण और आसुरी शक्तियाँ प्रबल होती हैं।
देवताओं को हवि (भोजन) पहुँचाने का माध्यम अग्नि ही है। देव-यज्ञ का मूल उद्देश्य वैदिक देवताओं का पोषण करना है।
मान्यता है कि यदि हम यज्ञ के माध्यम से देवताओं का पोषण नहीं करेंगे, तो ब्रह्मांडीय शक्तियां क्षीण हो जाएंगी और आसुरी (नकारात्मक) शक्तियां प्रबल हो जाएंगी, जिसका सीधा दुष्प्रभाव चराचर जगत् पर पड़ेगा।