देवी उपनिषद (अथर्वशीर्ष) में महादेवी का क्या वर्णन है?
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संक्षिप्त उत्तर
देवी उपनिषद (अथर्वशीर्ष): महादेवी = सभी शक्तियों का केंद्र। देवी ही एकमात्र परमसत्य (ब्रह्म) हैं। इन्हीं से प्रकृति (पदार्थ) और पुरुष (चेतना) की उत्पत्ति। वे ही आनंद, निरानन्द, जन्म लेने वाली और अजन्म
देवी उपनिषद (अथर्वशीर्ष), जो कि अथर्ववेद से संबंधित है, महादेवी को सभी शक्तियों का केंद्र मानता है।
यह उपनिषद स्पष्ट करता है कि देवी ही एकमात्र परमसत्य (ब्रह्म) हैं; उन्हीं से प्रकृति (पदार्थ) और पुरुष (चेतना) की उत्पत्ति होती है, और वे ही आनंद, निरानन्द, जन्म लेने वाली और अजन्मी सत्ता हैं।