शेषनाग पर लेटे हुए भगवान विष्णु की पूजा करें। उन्हें पंचामृत से स्नान कराकर पीले कपड़े पहनाएं, पीला चंदन लगाएं और पीले फूल व तुलसी दल चढ़ाकर घी का दीपक जलाएं।
इस दिन भगवान विष्णु के 'शयनी' स्वरूप (शेषनाग पर लेटे हुए) की 16 चरणों (षोडशोपचार) में पूजा की जाती है।
भगवान को स्वर्ण, चांदी या लकड़ी की चौकी पर विराजित कर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से स्नान कराएं।