देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु राजा बलि को दिए वचन के कारण पाताल लोक में वास करते हैं — इसे ही उनकी योगनिद्रा कहते हैं। यह आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक चार महीने (चातुर्मास) चलता है।
देवशयनी एकादशी आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है।
इस दिन भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवोत्थानी एकादशी) को जागते हैं।